4th dimensional Theory of Business 2

दोस्तों हमने यह जानने की कोशिश की थी कि “4th Dimentail Theory of Business.” क्या है, औरअब हम यह डिस्कस करेंगे कि जीवन के किन किन किर्याकलापो पर इसका पभाव पड़ता है और कैसे?

अगर पूरी सच्चाई से कहा जाये तो जीवन का कोई भी पहलू इस थ्योरी से बचा हुआ नहीं है| यह थ्योरी जीवन के हर एक पहलू पर बहुत ही सटीकता से प्रभाव डालती है, फिर चाहे आपके जीवन का वह आर्थिक पहलू हो या सामाजिक, नैतिक पहलू हो या व्यापारिक, सांस्कृतिक पहलू हो,धार्मिक हो  या राजनैतिक हो| 

क्योंकि आप जीवन के इन सभी हिस्सों को अलग अलग मानते है लेकिन यह सभी वास्तव में एक ही है| क्युकी अपने जीवन में रोजी रोटी के लिए हर कोई व्यक्ति एक सॉलिड इनकम का सोर्स चाहता है और इसके लिए कुछ न कुछ व्यापारिक गतिविधि शुरू करना अनिवार्य है| जिसे आम भाषा में कारोबार कहते है| और वह व्यक्ति जैसे ही कारोबारकी शुरुआत करता  है तब बारी बारी से इन सब पहलुओ का उसके कारोबार पर एक एक करके असर पड़ना शुरू हो ही जाता है| जब भी कोई व्यक्ति कारोबार की शुरुआत करता है  तो सबसे पहले उसके मन में एक सवाल आता है कि यह एक शुभ कार्य है और इसकी शुरुआत ईश्वर का नाम लेकर करनी चाहिए| इसके लिए ज्यादातर लोग अपने अपने तरीके से ईश्वर पर अपना विश्वास दिखाते है और सच मानिये यह ईश्वर कई तरह से कारोबार पर और किसी के भी जीवन पर असर डालता है| अभी में केवल यह बोल रहा हु के असर डालता है यह नहीं कह रहा हु की पॉजिटिव डालता है या नेगेटिव डालता है| खैर इस बिंदु पर सबसे बाद में चर्चा करेंगे क्युकी यह लोगो की व्यक्तिगत सोच, और आस्था का विषय है, लेकिन एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है इसमें कोई शक नहीं है|

इंसान आखिर इंसान है, वह खुद तो भगवान नहीं है, जो हर एक चीज के बारे में बिलकुल सटीक ज्ञान रखता हो और उसको यह पता हो कि कब क्या होने वाला है| यह गुण तो केवल ईश्वर ही रखता है कि कब क्या होने वाला है|

लेकिन एक इंसान के रूप में जब आप किसी भी क्षेत्र की जानकारी गहराई से रखते है तो उसका सम्बन्ध, अन्य चीजों से आसानी से जोड़ने की समँझ आप हासिल करने लग जाते है| इसलिए अब हम मोटा माटी कई कॉमन क्षेत्रों की गहन जानकारी इक्कठा करने की दिशा में कार्य करेंगे जिससे हमारे निर्णय लेने की छमता में व्रद्धि हो| यह जानकारी हम निष्पक्ष होकर करने की कोशिश करेंगे क्युकी कई बार हमारी मान्यताए एवं विश्वास इनको मानने से मना कर देती है, लेकिन इससे झूठ सत्य में नहीं बदल सकता है|

कई सारे महत्वपूर्ण विषय है जोकि कारोबार और हमारे जीवन पर सीधा और बहुत भारी असर डालता है उनमे से कुछ इस प्रकार से है जैसे:- सरकार और क़ानून, तकनीक का विकास, इंटरनेशनल या डोमिस्टिक पॉलिटिक्स एंड रिलेशन, मानव संस्कृति, व्यवहार और इतिहास, जियोलाजिकल घटनाएँ, वगैरह वग़ैरह| किसी भी चीज को लोग अलग अलग समय पर अपने फायदे और हानि के हिसाब से जोड़कर दूसरो के सामने रखते है| लेकिन हर बार जब भी कोई फैक्ट किसी के सामने प्रस्तुत किया जाता है तो उसका केवल एक ही उद्देश्य होता है कि उसको लाभ होना चाहिए| हानि के लिए कोई भी निर्णय नहीं लिया जाता है, हाँ वो अलग बात है कि कोई निर्णय परिस्थति के अनुसार हानि में बदल जाता है| सभी विषयो पर एक साथ डिसकस नहीं किया जा सकता है इसलिए हर एक विषय पर थोड़ा थोड़ा डिस्कश करते हुए आगे बढ़ने का प्रयास करते है| जब हम एक सब्जेक्ट को डिसकस करेंगे तो उसकी सही व्याख्या के लिए हमें दूसरे सब्जेक्ट को भी रिफ्रेंस के लिए यूज करना पडेगा| और जब हम दुसरे सब्जेक्ट को डिसकस करेंगे तो पहले सब्जेक्ट को रिफ्रेंस के लिए इस्तेमाल करना पड़ेगा|